Monday, 11 September 2017

तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन



 विश्वविद्यालय में चल रही ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द कैंपस ऑफ पूर्वांचल यूनिवर्सिटी विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का रविवार को समापन हुआ। समापन सत्र में देश के विभिन्न भागों से आये हुए  प्रतिभागियों को कुलपति प्रोफेसर डॉ. राजाराम यादव ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।  इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस  राष्ट्रीय कार्यशाला ने  विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं तकनीकी के पाठ्यक्रमों के विकास एवं स्थापना की दिशा में   बड़ी भूमिका का निर्वहन किया  है।  उन्होंने देश के विभिन्न भागों से आए हुए अतिथियों को  सहभागिता के लिए उनका  धन्यवाद ज्ञापित किया।

 रविवार को आयोजित  सत्र में निस्केयर सीएसआईआर नई दिल्ली के निदेशक डॉ मनोज कुमार पटैरिया ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की जानकारी को आम जन तक ले जाने का प्रयास सतत चले रहने चाहिए। विज्ञान संचार के लिए  स्थानीय भाषा एवं स्थानीय लोंगो की उपयोगिता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि  वैज्ञानिक साक्षरता एवं न्यूनतम विज्ञान की जानकारी और समझ विकसित कर के ही हम विज्ञान प्रसार के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेय जल का सेवन हमें अस्सी प्रतिशत बीमारियों से बचाता है।हमारे परंपरागत ज्ञान में पेय जल को  सूती कपड़े से छान कर पीने की परम्परा रही है। महंगे वाटर प्यूरीफायर की जगह हम परम्परागत आजमाए गए  तरीकों को अपनाकर बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की  दैनिक जीवन में अहम भूमिका है। विज्ञान संचार से लोगों के जीवन स्तर को बदला जा सकता है। 

 काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र कुमार सिंह ने क्लीन एनर्जी मेटेरियल एंड डिवाइसेस   विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज उर्जा का संरक्षण करने की जरूरत है इसके साथ ही पर्यावरण को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन द्वारा शीघ्र ही  उर्जा के लिए  हमें नए स्रोत  प्राप्त होंगे।
  
राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ सी.एस. पति त्रिपाठी ने नैनो मैटेरियल  फॉर रिन्यूवल एनर्जी एंड वाटर प्यूरिफिकेशन पर व्याख्यान दिया।  उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उर्जा व  जल का   संकट गहराने जा रहा है।  हम आर ओ  वाटर का प्रयोग करते हैं जो कि बहुत शुद्ध पानी है। लेकिन इस इस से पानी की बर्बादी बहुत होती है।  आज नैनो मैटेरियल के माध्यम से जल की बर्बादी के बिना जल का शुद्धिकरण किया जा सकता है। 
 शहडोल से आए डॉक्टर गिरधर माथंकर  ने कहा कि विश्वविद्यालय में विज्ञान और तकनीकी के विकास के लिए इको फ्रेंडली कैंपस बनाने की जरूरत है।  आईटी का इस्तेमाल करके यहां की कार्य संस्कृति  में सुधार लाया जा सकता है।  उन्होंने गोमूत्र एवं नीम के उपयोग के बारे में बताया। 

केंद्रीय विश्वविद्यालय सारनाथ के   डॉ. प्रवीण प्रकाश ने कहा कि प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत में चित्रकला बहुत ही समृद्ध रही है।  आज भारतीय सांस्कृतिक धरोहर में सांस्कृतिक पाठ्यक्रम  शुरू करने की जरूरत है। इससे भारतीय संस्कृति , इतिहास व कला के बारे में सही ज्ञान प्राप्त होगा  और सुदृढ़ सांस्कृतिक दृष्टिकोण बनेगा। 

 पुणे के  प्रो वीए  तभाने एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर केपी सिंह ने भी विषय पर अपने विचार रखे। 
अंतिम सत्र  में  डिप्लोमा इन फार्मेसी, एम फार्मा, होम्योपैथिक, गौ  विज्ञान व फाइन  आर्ट्स  विषयों के प्रारंभ करने पर चर्चा हुई।  जिसमें डॉ. मनोज पटैरिया , डॉ ए के श्रीवास्तव, प्रो  वीए  तभाने  , डॉ गिरधर माथंकर, डॉ वाई पी  कोहली, डॉ पुनीत सिंह  एवं डॉ अजय द्विवेदी ने विचार विमर्श किया। 

विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ पीसी  पातंजलि ने पहले सत्र की अध्यक्षता की एवं संचालन प्रो बीबी  तिवारी ने किया। 

 इस अवसर पर डॉ अरविंद कुमार तिवारी, डॉ युधिष्ठिर यादव,डॉ अलोक गुप्त,डॉ देवराज सिंह ,प्रियंका अवस्थी ,डॉ प्रमोद यादव,डॉ अनिल यादव ,डॉ गिरिधर मिश्र,डॉ धर्मेंद्र सिंह ,डॉ राजीव प्रकाश सिंह,डॉ. समर बहादुर सिंह, डॉ. विजय कुमार सिंह,डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ. देवराज सिंह, डॉ. अजय प्रताप सिंह,  डॉ राजकुमार सोनी, डॉ. संतोष कुमार सहित प्रतिभागी मौजूद रहे। 

Saturday, 9 September 2017

ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषयक कार्यशाला--- दूसरा दिन


विश्वविद्यालय में आयोजित ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी विषयक  कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने  परिचर्चा सत्र में अपनी बात रखी। एमएससी  के पाठ्यक्रम निर्माण एवं  आधारभूत संरचना के विकास पर चर्चा हुई। विश्वेसरैया  हाल में इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटानामिक  एनर्जी कला पक्कम  के प्रोफेसर पी पलानीचामी  ने अल्ट्रासाउंड की  प्रारंभिक जानकारी देते हुए उसके अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय अल्ट्रासाउंड आधारित पीजो इलेक्ट्रिक  डिवाइस का उपयोग हो रहा है।  अल्ट्रासाउंड के द्वारा अनाज के आकार व गुणवत्ता की जांच की जा रही है। पदार्थों का परीक्षण अल्ट्रासाउंड के द्वारा बिना स्वरूप परिवर्तन के संभव हो पाया है।  उन्होंने कहा कि अब सब्जियों के उत्पादन में कीटनाशकों की जगह नीम से निर्मित जैविक  कीटनाशकों का प्रयोग हो रहा है।  इससे सब्जियों की गुणवत्ता में वृद्धि हुई है।  पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग बड़े पैमाने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में कई वनस्पतियों में जैविक खेती  को बढ़ावा देने की क्षमता है। ओएनजीसी के पूर्व महाप्रबंधक डॉक्टर पी के मिश्रा ने कहा कि किसी देश के अधोपतन के लिए आइटम बम या महामारी का उतना योगदान नहीं होगा जितना   उस देश की शिक्षा व्यवस्था के विनष्ट हो जाने पर।  उन्होंने कहा कि उत्पादों के उपभोग के क्षेत्र में भारत एशिया का तीसरा तीसरा सबसे बड़ा देश है जो पेट्रोलियम का उत्पादन व शोध कर रहा है। आने वाले समय में इसका और भी विस्तार होगा। उन्होंने भारत में पेट्रोलियम कंपनियों पर भी अपनी बात रखी। 
विज्ञान भारती के प्रदेश अध्यक्ष वाई पी  कोहली ने कहा की परंपरागत ज्ञान- विज्ञान को विज्ञान व तकनीकी के नए शोध कार्यों से जोड़ा जाए। हमें आम आदमी के दहलीज तक हम विज्ञान का प्रकाश लेकर जाना  हैं।  उन्होंने जौनपुर क्षेत्र के मक्के व मूली के उत्पादों के संरक्षण एवं विक्रय को आर्थिक विकास से जोड़कर  अपनी बात रखी। 
 आईआईटी  खड़कपुर  के डॉक्टर मेहरवान ने बिना दर्द के इंजेक्शन तकनीक के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नैनो तकनीकी की सहायता से त्रिआयामी प्रिंटिंग के जरिए मरीजों को दर्द मुक्त  तरीके से इंजेक्शन देना संभव हो सका है।  इस क्षेत्र में हम बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं। इस अवसर पर डॉक्टर मनोज पटैरिया, डॉक्टर वी ए तभाने , डॉक्टर शबाना शेख, डॉक्टर लोकेंद्र कुमार, डॉक्टर गिरिधर  ,प्रोफेसर रंजना प्रकाश, प्रोफेसर रामकृपाल, डॉक्टर देवराज सिंह, डॉक्टर शिवाकांत शुक्ला आदि उपस्थित रहे
कार्यशाला के द्वितीय सत्र में एमएससी भौतिकी ,रसायन एवं गणित विषय के पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही कंप्यूटर  एप्लीकेशन में पीजी डिप्लोमा एवं बीसीए पाठ्यक्रम तैयार करने पर मंथन हुआ। इस सत्र में  प्रोफ़ेसर राम कृपाल,प्रो बलिराम एवं डॉ सत्यदेव ने  अपने विचार रखे ।तकनीकी सत्र को सबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के   पूर्व कुलपति डॉ पीसी पातंजलि ने कहा कि  विज्ञान एवं तकनीकी को   धरातल पर लाये बगैर   विकास की बात बेमानी है। उन्होंने कहा  कि  क्षेत्र विशेष की भावना का   सम्मान करते हुए पाठ्यक्रम में हिंदी भाषी विद्यार्थियों का ध्यान रखा जाय। उन्होंने समय की मांग को देखते हुए और भी विश्वविद्यालयों की स्थापना पर बल दिया। सत्र की अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो आर पी सिंह ने की।  कार्यशाला के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
 






 

Friday, 8 September 2017

'ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द यूनिवर्सिटी कैंपस' विषयक कार्यशाला


विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में शुक्रवार को 'ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द यूनिवर्सिटी कैंपस' विषयक कार्यशाला का उद्घाटन हुआ। उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफ़ेसर कृष्ण लाल ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसा रोड मैप तैयार करें जो यहां से निकलने वाले छात्रों को देश के निर्माण से जोड़े।

 उन्होंने कहा कि आज गुणवत्तायुक्त शिक्षा का सवाल है इस दिशा में देश के विश्वविद्यालयों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। 2011 की जनगणना में साक्षरता 74 प्रतिशत थी अभी भी 30 करोड़ भारतीय शिक्षा से  दूर है  जिनके लिए हम लोगों को काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि उपनिषद में विज्ञान को परिभाषित किया गया है 'विज्ञानम् आनंदम ब्रह्म' विज्ञान में जो अंतिम आनंद है वही ब्रह्म है।  यह हमारे लिए महामंत्र है जिसे सदैव चित्त  में रखना चाहिए।


विज्ञान भारती दिल्ली  के महासचिव डॉ ए  जय कुमार ने कहा कि यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के सपने को साकार करेगी। समाज निर्माण में विश्वविद्यालयों की बड़ी भूमिका है। आज वैश्विक स्तर पर एक नए क्षेत्र का निर्माण हो रहा है। भारत में पहली बार राजनीतिक चिंतक व विद्वान मिलकर मेक इन इंडिया  के लिए काम कर रहे हैं।

विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी के पूर्व अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बीके अग्रवाल ने कहा कि आज देश की प्रगति के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में विशेषज्ञों की आवश्यकता है। शिक्षा जगत को इस पर गहनता से विचार करने की जरूरत है। नवोन्मेष तभी होंगे जब गहन अध्ययन होगा। आज विशेषज्ञ वही बन सकता है जिसे अपने क्षेत्र के समस्त आयामों का ज्ञान हो। उन्होंने कहा कि चीन में लक्ष्य बना कर लोग काम कर रहे हैं और दूसरे देशों को सस्ते दर पर वस्तुएं उपलब्ध करा रहे हैं।इस दिशा में हमें भी चिंतन करने की जरूरत है।

कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में बेसिक साइंस होना आवश्यक है जब तक बेसिक साइंस की पढ़ाई व शोध नहीं होगा तब तक आगे की कल्पना  नहीं की जा सकती।तीन  दिनों की कार्यशाला में देश के विभिन्न हिस्सों से आए हुए वैज्ञानिक मिलकर एक ऐसा प्रस्ताव तैयार करेंगे जिसे राज्य एवं  केंद्र सरकारों के पास भेजा जाएगा और भविष्य में इन पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय में संचालित किया जाएगा।  शोध को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में पोस्ट डॉक्टोरल फ़ेलोशिप प्रारम्भ की गई है। उन्होंने आए हुए विशेषज्ञों का परिचय कराया। 

कार्यशाला के अध्यक्ष प्रो बीबी तिवारी ने स्वागत भाषण एवं डॉक्टर राजकुमार सोनी ने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर संतोष कुमार ने किया। इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो आर पी सिंह एवं कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति  प्रो कीर्ति सिंह मंचासीन रहे। तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने अपनी  बात रखी.प्रो वी के अग्रवाल ने ग्रेफीन की गुणवत्ता एवं महत्व तो बताया। लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो आर पी  सिंह ने  प्रशासनिक, शिक्षकों एवं छात्रों की गुणवत्ता सुधार पर बात की। दिल्ली के  प्रो नीरज खरे ने सामाजिक जरूरतों के मद्देनजर विश्वविद्यालय में बेसिक साइंस के पाठ्यक्रमों को खोलने की बात की। 

कार्यशाला  में देश के विभिन्न भागों से आये हुए विषय विशेषज्ञ निदेशक निस्केयर-सीएसआईआर डॉ मनोज कुमार पटैरिया , प्रो सुनीता मिश्राप्रोफेसर रंजना प्रकाशप्रो  राम कृपाल,प्रोपी.एस यादव,प्रो  पीके मिश्राप्रो  वी  ताभाने डॉ लोकेंद्र कुमार, डॉ युधिष्ठिर यादव,डॉ  अंबेशदीक्षित,प्रो  पी पालानिचमी,डॉ वी राजेंद्रन,प्रो राजीव कुमार,प्रोफेसर नीरज खरेडॉ सीएस पतित्रिपाठी,डॉ  देवराज सिंह, डॉ  गिरिधर मिश्रा एवं  डॉ  प्रमोद यादव आदि ने प्रतिभाग किया  । 

Tuesday, 5 September 2017

शिक्षक दिवस समारोह मनाया गया




वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षक दिवस मनाया धूम धाम से मनाया गया.परिसर  में स्थापित सर्वपल्ली डॉ  राधाकृष्णन की प्रतिमा पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने माल्यार्पण का उन्हें नमन किया।सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉ अजय प्रताप सिंह ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्श हमें आज भी प्रेरणा देते है.विद्यार्थियों के बिना शिक्षक का कोई अस्तित्व नहीं है. जनसंचार विभाग के शिक्षक डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि गुरु और शिष्य एक दूसरे के पूरक है और हर गुरु की एक चाह होती है कि उसके  शिष्य उससे आगे जाएँ। इस अवसर पर डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ सुनील कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डॉ राजेश शर्मा, डॉ एस पी तिवारी,डॉ आशुतोष सिंह,डॉ कार्तिकेय शुक्ला,विनय वर्मा, ऋषि श्रीवास्तव समेत विद्यार्थीगण मौजूद रहे. 

विश्वविद्यालय के विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला

देश के वैज्ञानिकों का होगा संगम ,करेंगे मंथन 

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के  परिसर में 8 से 10 सितंबर  ' ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन कैंपस ऑफ पूर्वांचल यूनिवर्सिटी 'विषयक  तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.  डॉ. राजाराम यादव के निर्देशन और  प्रयास से  इस कार्यशाला में देश के जाने -माने  वैज्ञानिक और शिक्षाविद प्रतिभाग कर रहे हैं। 

इस राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में खुलने वाले नए पाठ्यक्रमों के लिए प्रस्तावित  पाठ्यक्रम पर  विचार विमर्श , रोजगार परक पाठ्यक्रमों के बढ़ावा दिए जाने जैसे बिंदुओं पर गहन विमर्श होगा। कार्यशाला में पारित प्रस्ताव को अनुमति एवं आर्थिक सहायता प्राप्ति  हेतु शासन को प्रेषित किया जायेगा। सीएसआईआर नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक प्रो एस.के  जोशी ,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली के  प्रो विक्रम कुमार,  भौतिकी विभाग इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष  प्रो. बाल कृष्ण अग्रवाल,लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं  प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो आर पी सिंह,  बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति  प्रो रमेश चंद्रा  सहित देश के प्रमुख संस्थानों से  लगभग 50 वैज्ञानिक एवं ख्यातिलब्ध प्रोफ़ेसर इस कार्यशाला में प्रतिभाग  करेंगे।  कार्यशाला के सफल सञ्चालन के लिए गणित विभाग के विभागाध्यक्ष   डॉ.  राजकुमार  को संयोजक , भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार को सह संयोजक , विभागाध्यक्ष रसायन विभाग डॉ अशोक कुमार श्रीवास्तव को आयोजन सचिव  और इंजीनियरिंग संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रो. बी बी तिवारी  को कार्यशाला का अध्यक्ष बनाया गया  हैं। 



Monday, 4 September 2017


शोध गंगा अपलोड में पीयू प्रदेश में पहले पायदान पर


यूजीसी के प्रोजेक्ट शोधगंगा की वेबसाइट पर पीएचडी थीसिस अपलोड के मामले में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रदेश में नंबर एक  पर आ गया है। जानकारी देते हुए शोध गंगा प्रोजेक्ट के विश्वविद्यालय समन्वयक  डॉ. विद्युत मल  ने बताया कि शनिवार तक कुल  2368 शोध प्रबंध वेबसाइट पर अपलोड कर विश्वविद्यालय प्रदेश में शीर्ष पर  है।  प्रदेश में दूसरे  स्थान पर चौधरी  चरण सिंह विश्ववद्यालय मेरठ  और तीसरे स्थान पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झाँसी है। उन्होंने बताया कि अभी 5692 पीएचडी थीसिस शोधगंगा  वेबसाइट पर अपलोड होना बाकी है। जिसे  एक माह के अंदर पूरा कर लिया जायेगा।  शीघ्र ही पीएचडी थीसिस अपलोड के मामले में पूर्वांचल विश्वविद्यालय  देश में कोलकाता विश्वविद्यालय के बाद दूसरे  स्थान पर  होगा । विदित हो कि  शोधगंगा प्रोजेक्ट में अब तक देश के 295 विश्वविद्यालयों द्वारा 158158 पीएचडी थीसिस को  वेबसाइट पर अपलोड किया जा चुका है।  शोधगंगा वेबसाइट इंटरनेट पर सर्व सुलभ है जो कि शोधार्थियों , शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ विषय के प्रति रुझान रखने वाले सभी जिज्ञासुओं  के ज्ञानवर्धन के  लिए बहुत उपयोगी है। 

Friday, 1 September 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में स्वच्छता पखवारे की हुई शुरुआत

 
विश्वविद्यालय में मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देश के क्रम में  शुक्रवार को स्वच्छता पखवारे की शुरुआत हुई ।विश्वविद्यालय के मुक्तांगन में आयोजित शुभारंभ  कार्यक्रम में  विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने कहा कि सरस्वती को अपने अंदर बैठाना है तो गन्दगी को साफ कर कमल खिलाना होगा।स्थाई रूप से स्वच्छता के संस्कार को अपने जीवन में स्थापित करे. इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी जो आपके जीवन लक्ष्य को पूरा करेगी। 
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो बी बी तिवारी ने कहा कि जो विद्यार्थी स्वच्छता में अपना जीवन जीते है वो सदैव अनुशासित होते है.इस पखवारे में विद्यार्थियों से बढ़ चढ़ कर योगदान के लिए अपील की.कार्यक्रम के संयोजक डॉ बीडी शर्मा ने पखवारे में होने वाले कार्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान 1  सितम्बर से 15 सितम्बर तक  पीयू परिसर सहित महाविद्यालयों में  चलेगा। पहले दिन उद्घाटन के बाद विद्यर्थियों और शिक्षकों ने मुक्तांगन में साफ़ सफाई की. इसके साथ ही परिसर के  विभागों में साफ़ सफाई की गई.इस पखवारे में परिसर के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी साफ सफाई कर स्वच्छता  का सन्देश दिया जायेगा। महाविद्यालयों में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों को स्वच्छता पखवारे के लिए विश्वविद्यालय के एनएसएस सेल द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गए है. 

इस अवसर पर डॉ ए के श्रीवास्तव,डॉ अजय प्रताप सिंह,डॉ मनोज मिश्र, डॉ अजय द्विवेदी, डॉ राकेश यादव,डॉ प्रदीप कुमार, डॉ  दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राज कुमार सोनी, डॉ अमरेंद्र सिंह, डॉ विनय वर्मा,डॉ के एस तोमर,अमलदार यादव, डॉ इंद्रेश गंगवार, डॉ संजय श्रीवास्तव,एम एम भट्ट समेत विद्यार्थीगण मौजूद रहे.

Saturday, 5 August 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में कवि सम्मलेन का हुआ आयोजन


बादल - बादल  मैं लिखता हूँ -पानी- पानी तू भी लिख

 विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में शुक्रवार की  शाम  कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कवियों की रचनाओं से श्रोता मंत्रमुग्ध होते रहे. कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात कवि गिरीश नारायण पांडे की रचना एक कहानी मैं लिखता हूं एक कहानी तू भी लिख, बादल - बादल  मैं लिखता हूँ, पानी- पानी तू भी लिख, सबके भीतर छिपा हुआ है वादी भी प्रतिवादी भी, और सजाए मैं लिखता हूँ काला पानी तू भी लिख.......   के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थिओं को सामजिक और पर्यावरण के मुद्दे के प्रति संवेदनशील किया।

अध्यक्षता करते हुए  कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और स्वस्थ मनोरंजन के लिए ऐसे आयोजन होते रहेंगे। इस कवि सम्मेलन का उद्देश्य अयोध्या सिंह हरिऔध, मैथिलीशरण गुप्त, सुमित्रानंदन पंत एवं महादेवी वर्मा की साहित्यिकधर्मिता को विद्यार्थियों के जेहन में  प्रतिस्थापित करना है। महोबा से आए  श्रृंगार एवं वीर रस के कवि दरबारी लाल प्रेमी की रचना पुस्तक होगी ढाल  तुम्हारी, कर्म तुम्हारी है  तलवार, बुद्धि और विवेक के बल से करना होगा तुमको वार  को विद्यार्थियों ने को विद्यार्थियों ने खूब पसंद किया। 
 बनारस से आई कवित्री के गीत हे मां सरस्वती वीणा मधुर बजा दे पर पूरा वातावरण भक्ति में हो गया अगली रचना वह जो मौत बांटते हैं कभी जिंदगी न देंगे,जो चिराग बुझ रहे हैं कभी रोशनी न देंगे खूब सराही गई.

लखनऊ के गीतकार निर्मल दर्शन के गीत पहले दिल को जलाया गया और फिर मुस्कुराया गया, प्यार के एक पल के लिए उम्र भर आजमाया गया को लोगों ने कई बार सुना। जौनपुर के प्रख्यात व्यंगकार सभाजीत द्विवेदी प्रखर के गीत  एकता  के  ख्वाब सारे बिखर  गए, आजाद हुए हमको जमाने गुजर गए, जम्हूरियत का जिनको समझते थे फरिश्ता, शैतान से भी दो कदम नीचे उतर गए  पर सबको आज की स्थिति पर सबको सोचने को विवश कर दिया। 
गीतकार स्वामीनाथ पाठक मधुर की रचना राष्ट्रवादी बनो बंधु वादी बनो जातिवादी बने तो बिखर जाओगे सुनाया ।  कवि सम्मेलन में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ देवराज ने भी अपनी  रचना प्रस्तुत की. आजमगढ़ के आशु कवि कमला सिंह, वाराणसी के गीतकार सत्यप्रकाश आजाद की रचनाओं ने श्रोताओं को खूब आनंदित किया। कवि सम्मेलन  में कवियों का स्वागत एवं परिचय मीडिया प्रभारी डॉक्टर मनोज मिश्र द्वारा किया गया. संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर एवं अशोक सिंह ने किया।  कवि सम्मेलन के संयोजक सामाजिक विज्ञान संकाय के अध्यक्ष डॉक्टर अजय प्रताप सिंह ने धन्यवाद् ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ वी डी शर्मा, डॉ अजय द्विवेदी, डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ अविनाश पाथर्डीकर, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ राज कुमार सोनी, डॉ संतोष कुमार, डॉ  सुरजीत यादव, डॉ सुनील कुमार, डॉ रुश्दा,  अमलदार यादव, अनिल श्रीवास्तव, रजनीश सिंह, संजय श्रीवास्तव, सुशील प्रजापति, विद्युत् मल समेत विद्यार्थीगण मौजूद रहे. 

Thursday, 3 August 2017

‘वस्तु एवं सेवाकर: आयाम एवं अवसर’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी


विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन मे गुरूवार को ‘वस्तु एवं सेवाकर: आयाम एवं अवसर’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जीएसटी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
   इस अवसर पर बतौर मुख्यअतिथि उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए उ0प्र0सरकार के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए जीएसटी वरदान साबित होगा। उ0प्र0 देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है।व्यापारी भाइयों को इसके लिए अधिक से अधिक पंजीकरण कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कपड़ा, आवास और कुछ सामान के दाम में वृद्धि का जो भ्रम फैलाया जा रहा है वह गलत है। इसके परिणाम तीन महीने बाद आपके सामने आएंगे। उनका मानना है कि बदलती परिस्थितियों  में तकनीक ने अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिर्वतन किया है। पूरा देश आनलाइन व्यवस्था को स्वीकार्य कर रहा है इससे देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ-साथ विकास दर में भी तेजी से वृद्धि हो रही है । आने वाले दो वर्षों में जीडीपी की दर दहाई के अंक मंे पहुॅच जाएगी। यह हम ही नहीं विश्व की मीडिया भी यह मान रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  जी का हर काम देश और उसकी जनता के हित को ध्यान में रखकर होता है। इसी का परिणाम है देश की जनता हर चुनाव में उनके संकल्प पत्र पर मुहर लगाकर अपना  समर्थन जता रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वान्चल विश्वविद्यालय में नए पाठ्क्रम शीघ्र ही शुरू  होंगे। प्रदेश के हर विश्वविद्यालय के कामर्स और मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम में जीएसटी का चैप्टर रखा जाएगा।विश्वविद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है उन्होने कहा कि शिक्षक सुखी मन और विद्यार्थी तनाव मुक्त होना चाहिए तभी विश्वविद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव दिखेगा। 
   डाॅ0 शर्मा ने कहा कि हम शीघ्र ही औद्योगिक नीति लाने वाले हैं इसे रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय में कौशल विकास केन्द्र खोलकर विद्यार्थियों का प्लेसमेन्ट वहीं कराने का प्रयास होगा। उन्हांेने कहा कि स्वपरीक्षा केन्द्र नहीं बनेंगें।  केन्द्र भी वहीं बनेगा जहां के कमरे में सीसी कैमरे से लैस हो। परीक्षा के दिनों में इसकी निगरानी पुलिस अधिकारी और उनकी मानीटरिंग जिलाधिकारी करेंगें। नकल रोकने और नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहें है। महाविद्यालय जुड़े प्रबंधक एवं सदस्य परीक्षा केन्द्र से 200 मीटर के दायरे में नहीं दिखेंगे। 
   उन्होने विश्वविद्यालय के कुलसचिव समेंत सभी अधिकारियों से कहा कि शिक्षकों की कोई भी फाइल विलम्बित न रहे । उसे तत्काल निस्तारित करें जिससे उन्हें  कक्षा छोड़ने का मौका न मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि हर हाल में प्रतिवर्ष 220 कक्षाएं चलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय ज्यादा से ज्यादा खुले परन्तु पढ़ाई के लिए न कि व्यवसाय के लिए। उन्होंने कहा परीक्षा की प्रतिदिन की रिपोर्ट महाविद्यालय विश्वविद्यालय को भेजे और विश्वविद्यालय उसे शासन को भेेजे ऐसा न करने वाले महाविद्यालय डिबार होगें ।
विशिष्ट अतिथि शहरी विकास राज्य मंत्री गिरीशचन्द्र यादव ने कहा कि सभी नौ टेक्स को मिलाकर जीएसटी बनाया गया है इससे इन्सपेक्टर राज का खत्मा होगा और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उनहोंने कहा कि दो करोड़ से उपर की चोरी करने पर आपराधिक मामले दर्ज होंगे। 
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा  का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के वाइसचांसलर प्रो0राजाराम यादव ने कहा कि जौनपुर की पावन धरती जहां स्वामी रामभद्राचार्य, नासा के पूर्व वैज्ञानिक डाॅ0 सरोज मिश्र ,पद्मश्री लालजी सिंह जैसी विभूतियों में जन्म लिया है उस  धरती पर एकात्म मानववाद के प्रणेता के सिद्धान्त  को धारण करने वाले आप जैसे उपमुख्यमंत्री का विश्वविद्यालय परिसर में स्वागत करने पर मुझे अपार अनुभूति हो रही है।  इस अवसर पर विश्वविद्यालय के लिए सौ एकड़ जमीन की उपलब्धता प्रदान करने के लिए स्वर्गीय अर्जुन यादव को याद करते हुए  उन्होंने पूर्वान्चल विश्वविद्यालय की महत्ता को और बढ़ाने  के लिए राजकीय मेडिकल कालेज की सम्बद्धता विश्वविद्यालय से करने, प्रतिवर्ष विश्वविद्यालय को 10 करोड़ रूपये का अनुदान एवं अधूरे भवनो का निर्माण पर  उन्होंने उपमुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट  किया। उन्होंने कहा कि हमें आपके सहयोग से विश्वविद्यालय को  वैश्विक उॅचाई पर ले जाना है।
   इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन  करके हुआ। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने कुलगीत प्रस्तुत किया। समारोह में कुलपति ने मुख्य अतिथि प्रो0डाॅ0दिनेश शर्मा को स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्रम और डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद पर लिखी पुस्तक भंेटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में आजमगढ़ के राजकीय महाविद्यालय अंबारी की प्राचार्या सविता भारद्वाज की पुस्तक अभिज्ञान का विमोचन उप मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।  इसके पश्चात विश्वविद्यालय के विश्वसरैया सभागार में संगोष्ठी के तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त भारत सरकार गिरीश नारायण पांडेय ने कहा कि सभी व्यवस्था को  सुचारू रूप से चलाने में टैक्स की जरूरत होती है। मधुमक्खी जैसे फूलो से रस लेकर शहद देती है उसी तरह सरकार टैक्स लेकर हमें सुविधा प्रदान करती है । उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने  से टैक्स चोरी रूकेगी । वाराणसी के संयुक्त कमिश्नर राज्यकर आर.एन.पाल ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर पर चर्चा करते हुए जीएसटी के फायदे  पर विस्तार पूर्वक चर्चा की।डिप्टी कमिश्नर राज्यकर सुजीत कुमार जायसवाल ने कहा कि जीएसटी से घबराने की जरूरत नहीं है इससे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को फायदा है। यह जहां व्यवसाय के लिए सरल है। वहीं मेक इन इंडिया अभियान को इससे गति मिलेगी। सीए अमित गुप्त ने जीएसटी से जुड़ी अनेक जानकारिंया दी। उन्होंने समय पर टैक्स को जमा करने की सलाह दी।
 विषय प्रवर्तन संयोजक डाॅ0 अविनाश पाथर्डिकर ने , संचालन आयोजन सचिव अमित वत्स द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक डाॅ0 मानस पांडेय द्वारा दिया गया । 

Monday, 31 July 2017

पाठ्यक्रम से जुड़ेगा जीएसटी


वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने सोमवार को बताया   कि  जी एस टी  को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम से शीघ्र जोड़ा जायेगा। वे आज कुलपति सभागार में आगामी 3 अगस्त को आयोजित होने वाले वस्तु एवं सेवा कर: आयाम  एवं अवसर विषयक संगोष्ठी की तैयारियों को लेकर  आयोजन समिति के साथ बैठक कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र,वित्त  और कॉमर्स के विद्यार्थियों को जीएसटी का ज्ञान बहुत जरुरी है। आज जीएसटी से संबंधित जानकारी एवं उसको सरलीकृत रूप में समाज तक   पहुचाने  की जिम्मेदारी विश्वविद्यालयों पर है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय  इस गोष्ठी का आयोजन परिसर में करके प्रबुद्ध जनों ,व्यापारी वन्धुओं ,सामाजिक सक्रियक के साथ  अपने परिक्षेत्र के सभी महाविद्यालयों के अर्थशास्त्र एवं वाणिज्य  के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को भी आमंत्रित कर रहा है। विदित हो कि  गोष्ठी में  मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा, विशिष्ट अतिथि  राज्यमंत्री शहरी विकास,राहत  एवं पुनर्वास गिरीश चंद्र यादव  एवं   पूर्व प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त भारत सरकार  गिरीश  नारायण पांडेय तथा  बतौर वक्ता संयुक्त कमिश्नर राज्य कर आर  एन पाल, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर  सुजीत जायसवाल  एवं  सीए अमित गुप्त को  आमंत्रित किया गया है।
 बैठक में कुलपति प्रोफेसर राजाराम यादव ने गोष्ठी के सफल संचालन हेतु आयोजन समिति के सभी  सदस्यों  से अब तक के किये कार्यों की समीक्षा एवं आयोजन के विविध पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अविनाश पाथर्डीकर  ने  संगोष्ठी की तैयारियों के बारे में बताया। गोष्ठी के समन्वयक डॉ मानस पांडेय एवं  आयोजन सचिव डॉ. अमित वत्स  ने आयोजन के रूप रेखा  पर  चर्चा की ।  बैठक में प्रोफेसर बीबी तिवारी , वित्त अधिकारी एम्  के सिंह, कुलसचिव डॉक्टर देवराज, उप कुल सचिव संजीव सिंह , डॉ. ए के श्रीवास्तव,डॉ वीडी शर्मा , डॉ. अजय प्रताप सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. अजय द्विवेदी,डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुरजीत  यादव,  डॉ. आशुतोष कुमार सिंह,डॉ सुनील कुमार ,डॉ अवध बिहारी , डॉ के एस  तोमर,संजय श्रीवास्तव  सहित तमाम शिक्षक -कर्मचारी  मौजूद  रहे।  

Thursday, 27 July 2017

विश्वविद्यालय में 3 अगस्त को आएंगे उपमुख्यमंत्री

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा का आगमन 3 अगस्त को वीर बहादुर सिंह पूर्वाञ्चल   विश्वविद्यालय परिसर में हो रहा है।  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर  राजाराम यादव ने बताया कि परिसर के संगोष्ठी भवन में 3 अगस्त को पूर्वाह्न    11  बजे  जीएसटी पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में  उप मुख्यमंत्री प्रोफेसर दिनेश शर्मा  बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। विदित हो कि  विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों ,कर्मचारियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं शहर के व्यापारी बंधुओं को जीएसटी से परिचित कराने हेतु इस विषय  पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है।  संगोष्ठी में पूर्व आईएएस  गिरीश नारायण पांडे, संयुक्त कमिश्नर राज्य कर आर  एन पाल, डिप्टी कमिश्नर राज्य कर  सुजीत जायसवाल एवं सीए अमित गुप्त को बतौर वक्ता आमंत्रित किया गया है।  इस संबंध में आयोजन की समिति की एक आवश्यक बैठक गुरुवार को कुलपति कार्यालय में  आहूत की गई। बैठक में  डॉक्टर अविनाश पाथर्डीकर, डॉक्टर अजय प्रताप सिंह,डॉक्टर मनोज मिश्र, डॉक्टर आशुतोष सिंह, , डॉक्टर अमित वत्स, डॉक्टर दिग्विजय सिंह राठौर, डॉक्टर सुरजीत यादव, डॉक्टर आलोक सिंह, डॉक्टर के एस तोमर,  रविशंकर शुक्ल आदि उपस्थित रहे। 

Monday, 24 July 2017

एम् ए व्यवहारिक मनोविज्ञान एवं जनसंचार विषय में प्रवेश को मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से काउंसलिंग

 वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पीयू कैट  2017 में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का प्रवेश विश्वविद्यालय में मंगलवार से शुरू हो रहा है।  संकाय  भवन में  अनुप्रयुक्त सामाजिक विज्ञान संकाय के  एम् ए व्यवहारिक मनोविज्ञान एवं जनसंचार  विषय  में प्रवेश के लिए मंगलवार को सुबह 11:00 बजे से काउंसलिंग होगी। पीयू कैट परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर  अपलोड  है।  जनसंचार एवं व्यावहारिक मनोविज्ञान विषय  में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को जाति,आय सहित अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों एवं सेमेस्टर शुल्क  के साथ मंगलवार को संकाय भवन में बुलाया गया है।  

Tuesday, 18 July 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय - परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे सीसी टीवी कैमरा


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल   विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजाराम यादव ने कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा लगवाने के निर्देश दिए है.आने वाले समय में जिन कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा होगा वही परीक्षा केंद्र बनायें जायेंगे। कुलपति प्रो राजा राम यादव ने कहा कि बीतें दिनों लखनऊ और दिल्ली में हुए कुलपति सम्मेलनों में परीक्षा केंद्रों पर सीसी टीवी कैमरा की अनिवार्यता का निर्णय लिया गया है। शासन के  इस निर्णय को विश्वविद्यालय प्राथमिकता से  लागू करेगा। सीसी टीवी कैमरा से परीक्षा सुचिता और पवित्रता बनी रहेगी। इसके द्वारा बेहतर निगरानी की जा सकेगी। इस सम्बन्ध में  कुलसचिव डॉ देवराज महाविद्यालओं को कुलपति के आदेश का पत्र भेज रहे है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से आज़मगढ़, जौनपुर, मऊ, गाज़ीपुर और इलाहाबाद जनपद के  700 से अधिक कॉलेज  सम्बद्ध है। इस सत्र 2017 -18  की परीक्षा के लिए सीसी टीवी कैमरा अनिवार्य होगा।जिन कॉलेजों में सीसी टीवी कैमरा नहीं होगा वो किसी भी दशा में परीक्षा केंद्र नहीं बनाये जाएंगे। कुलसचिव डॉ देव राज ने बताया कि कॉलेजों को  सीसी टीवी कैमरा लगवाने के बाद विश्वविद्यालय में स्थापना का  प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

Monday, 17 July 2017

कुलपति सभागार में परंपरागत ज्ञान एवं औषधियां विषयक विशेष व्याख्यान



जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में सोमवार को परंपरागत ज्ञान एवं औषधियां विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में जवाहरलाल नेहरु राजकीय महाविद्यालय अरुणाचल प्रदेश के पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर वाई पी कोहली ने कहा कि 90 के दशक से विदेशी कंपनियों ने हमारे परंपरागत ज्ञान को विलुप्त करने का प्रयास किया।शीतल पेय एवं जंक फूड की संस्कृति के चलते नई पीढ़ी आज विभिन्न प्रकार की बीमारियों से पीड़ित है।  हमारे आसपास की वनस्पतियों के औषधीय गुणों से हमें वंचित रखा गया परिणामतः आज हम एलोपैथी दवाओं के सेवन के लिए विवश  है।  उन्होंने सत्तू, आंवला, मूली और मक्का के गुणों पर चर्चा करते हुए इस ज्ञान को आम लोगों तक ले जाने की अपील की।  उन्होंने कहा कि मक्के में विटामिन ई  की  प्रचुरता होती है जिसकी जानकारी अभी भी स्थानीय लोगों को कम है। यदि उन्हें इसकी जानकारी दे दी जाये  तो हम जर्मनी से आयात की जाने वाली विटामिन की गोलियों से मुक्ति पा जाएंगें।  स्थानीय वनस्पतियों में गिलोय के गुणों पर  उन्होंने कहा  कि रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने में गिलोय की अचूक भूमिका है, हर घर में   गिलोय होना चाहिए।  इस वर्षा ऋतु में घर के आसपास गिलोय अवश्य रोपित करें।यह  सारी बीमारियों से  मुक्त रखेगा। आज जानकारी के आभाव में बहुत सारे  वृक्ष और वनस्पतियां विलुप्त हो गई है, समय आ गया है कि उनके गुणों से परिचित होते हुए इन्हें पुनर्जीवित किया जाए । 
कुलपति प्रो राजाराम यादव ने कहा कि फार्मेसी संस्थान द्वारा औषधीय गुणों से युक्त वनस्पतियों का संरक्षण एवं उनसे आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण कराया जायेगा।इसके साथ हीस्थानीय वनस्पतियों एवं  गो दुग्ध, घी,गो मूत्र एवं गोबर में प्राप्त गुणों से आम लोगों को जागरूक किया जायेगा। फार्मेसी संस्थान द्वारा निर्माण की गई सामग्रियों का प्रबन्ध अध्ययन संस्थान मार्केटिंग करेगा।
व्याख्यान माला में आयोजित प्रश्न प्रहर में प्रो  बी बी तिवारी, डॉ अजय द्विवेदी, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं डॉ नृपेंद्र सिंह ने सवाल किये। इस अवसर पर डॉ अजय प्रताप सिंह, डॉ मानस पांडेय, डॉ वंदना राय, डॉ राम नारायण, डॉ संतोष कुमार, डॉ रसिकेश, डॉ राजेश शर्मा, डॉ एस पी तिवारी, डॉ अवध बिहारी सिंह,डॉ संजीव गंगवार, डॉ राज कुमार सोनी समेत शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहें। 




पीएचडी प्रवेश परीक्षा में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय सम्मिलित

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय को सम्मिलित किया गया है।  जिसके लिए अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं आवेदन की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2017 है।विश्वविद्यालय  परिसर में पहली बार कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय में शोध प्रारंभ होने जा रहा है.विस्तृत  जानकारी  विश्वविद्यालय की वेबसाइट http://www.vbspu.ac.inपर उपलब्ध है. 

Friday, 7 July 2017

उद्योगों से तालमेल के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने की पहल



ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक बिजनेस डेवलपमेंट डॉ सूर्य  के साथ कुलपति  ने बैठक कर की  चर्चा 
  उद्योगों एवं व्यवसायों में हो रहे वैश्विक बदलावों एवं चुनौतियों से निपटने के लिए परिसर पाठ्यक्रम के विद्यार्थी तैयार हो सके इसके लिए कुलपति प्रो राजाराम यादव ने पहल की है. इस क्रम में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को इम्पीरियल कॉलेज लंदन के अकादमिक विजिटर और ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक बिजनेस डेवलपमेंट डॉ सूर्य कुमार सिंह के साथ कुलपति प्रो राजाराम यादव ने बैठक कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध संस्थानों और उद्योग की मांग और  वर्तमान  शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न आयामों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की.

बैठक में ब्रिटिश स्टील लन्दन के निदेशक ब्रिटिश नागरिक डॉ सूर्य कुमार सिंह ने कहा कि  पूर्वांचल क्षेत्र के युवा बहुत ही ऊर्जावान है. इसकी माटी से निकल कर आज विश्व के तामाम देशों में अपने काम से पहचान बनाई है. विश्वविद्यालय ने उद्योग और व्यवसाय के मांग के अनुरूप कैसी शिक्षा दी जाये इस बारे में सोचा है यह बहुत ही सराहनीय कदम है. उन्होंने कहा कि  विज्ञान एवं तकनीकी एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नित परिवर्तन हो रहे  है.शोध के द्वारा आज उद्योग एवं व्यवसाय का स्वरुप बदल गया है.पूर्वांचल के विद्यार्थी इन बदलावों से परिचित हो और उनसे उपजी चुनौतियों का सामना कर सके इसके लिए खाका खींचा जा रहा है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अपने स्तर पर हर संभव प्रयास करेंगे. डॉ सिंह आज़मगढ़ जनपद के रहने वाले है और ब्रिटिश नागरिक है और संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के  प्रतिष्ठित एलन बी डोव स्मृति पुरस्कार से सम्मानित है. 
कुलपति प्रो राजा राम यादव ने डॉ सिंह को विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।उन्होंने विज्ञान, फार्मेसी एवं इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को  उद्योग एवं  व्यवसाय की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए कैसे तैयार किया जाये इस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन करेगा जिसमें विश्व के विभिन्न देशों से शिक्षा एवं उद्योग से जुड़े ख्यातिलब्ध लोगों को बुलाया जायेगा। इसके साथ ही इस सत्र में शैक्षिक विकास के लिए विद्वानों एवं इंडस्ट्री में नवाचार कर रहे लोगों को भी  विश्वविद्यालय में आमंत्रित किया जायेगा जिससे विद्यार्थी उद्योग की जरूरतों को पूरा कर सके. इस बैठक में डॉ संतोष, डॉ रवि प्रकाश, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर मौजूद रहे. 


Wednesday, 21 June 2017

पूर्वांचल विश्वविद्यालय में मना योग दिवस



जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मुक्तांगन  में तृतीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाए गया. योग दिवस के अवसर पर योग आचार्य अमित  आर्य ने कॉमन प्रोटोकॉल  के तहत योगाभ्यास करवाया। उन्होंने योग के लाभों  पर भी  विस्तार पूर्वक  चर्चा की ।
बतौर मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री समन्वय सेवा केंद्र आश्रम जबलपुर के महामंडलेश्वर स्वामी श्री अखिलेश्वरानंद जी ने  कहा कि आज पूरी दुनिया योग के प्रति नतमस्तक हो  गई है. हम अपनी योग की आंतरिक शक्ति को केंद्रित कर अनुभव करें तो वे सारे दृश्य  आंख के  सामने आ रहे हैं कि पूरी दुनिया योगं  शरणम गच्छामि कहते हुए आज महर्षि पतंजलि के प्रति अपनी  कृतज्ञता प्रकट कर रही है.उन्होंने कहा कि योग करने वाला व्यक्ति जीवन भर स्वस्थ रहता है. अपने अध्यक्षीय  संबोधन में कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर राजाराम यादव  ने कहा कि हमारा देश अध्यात्मिक राष्ट्र है इसलिए हम विश्व गुरु हैं. सम्पूर्ण विश्व का मार्गदर्शन हमारे सन्यासी  कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि योग पुरुष के अंदर असीम शक्ति होती है, इसका प्रकटीकरण समय- समय पर आवश्यकता के अनुसार वह करते हैं.  योग समिति के प्रभारी डॉ वी  डी शर्मा ने आभार एवं  संचालन संजय श्रीवास्तव ने  किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी एम के  सिंह, कुलसचिव डॉक्टर देवराज, प्रोफ़ेसर बीबी तिवारी, डॉ मनोज मिश्र, डॉ दिग्विजय  सिंह राठौर,  बी एल यादव, डॉ अवध  बिहारी सिंह,डॉ विवेक पांडे, डॉ के एस तोमर,एमएम  भट्ट, अशोक सिंह, रजनीश  सिंह, सुशील प्रजापति, इंद्रेश कुमार समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी एवं क्षेत्रवासियों ने  प्रतिभाग किया.