Friday, 20 December 2013

विवि में शैक्षिक गुणवत्ता सुधारना वरीयता

विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने संभाला कार्यभार
जौनपुर (ब्यूरो)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। कुलपति कार्यालय में देर शाम निवर्तमान कुलपति प्रो. सुंदरलाल और रजिस्ट्रार वीके सिन्हा ने औपचारिकता पूरी कराई। विश्वविद्यालय के शिक्षक और कर्मचारियों ने बुके भेंट कर नए कुलपति का स्वागत किया।
 कुलपति कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करते नवागत
कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल

प्रो. अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारना उनकी प्राथमिक होगी। परिसर के शिक्षक और कर्मचारियों के सहयोग से विश्वविद्यालय को विकास की नई दिशा दी जाएगी। 


शिक्षा के क्षेत्र में 3३   वर्ष की सेवा कर चुके प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में 13 वर्ष से प्रबंधन शाखा स्कूल आफ मैनेजमेंट स्टडीज में प्रोफेसर के पद पर तैनात थे। आठ वर्ष तक विभागाध्यक्ष भी रहे। इलाहाबाद विवि से एमकाम, एलएलबी और डीफिल के बाद यहीं वाणिज्य संकाय में 20 वर्ष तक शिक्षक रहे। वह डा. हरि सिंह गौर विवि सागर मध्य प्रदेश में प्रबंधन संकाय के भी डीन और हेड रह चुके है। प्रो. पीयूष रंजन ने कहा कि सभी के सहयोग से विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। 


कार्यभार ग्रहण करने के बाद पूर्व कुलपति प्रो. सुंदर लाल ने उन्हें बधाई दी। रजिस्ट्रार वीके सिन्हा, वित्त अधिकारी अमर चंद ने नए कुलपति का स्वागत किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। साभार -अमर उजाला 
------------------------------------------------------------------------------------------------------------


---------------------------------------------------------------------------------------------------------
कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल एवं  पूर्व कुलपति प्रो सुंदर लाल ने परिसर स्थित मूर्तियों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया













Monday, 16 December 2013

एकलव्य की मूर्ति का अनावरण



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में १६ दिसंबर की शाम को विश्वविद्यालय स्टेडियम  का नामकरण एवं  एकलव्य की मूर्ति का अनावरण कुलपति प्रो सुंदर लाल ने किया।


उन्होंने अनावरण के बाद कहा कि आज विजय दिवस के अवसर पर एकलव्य की प्रतिमा बहुत सारे सन्देश देगी।एकलव्य अद्वितीय व्यक्तित्व के साथ गुरु भक्ति की एक अनूठी मिसाल भी है।इस परिसर में एकलव्य की उपस्थिति विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी।





इस अवसर पर डॉ आशा एस लाल,प्रो वी के सिंह, ,डॉ एच सी पुरोहित,डॉ एस के सिन्हा ,,डॉ अजय द्विवेदी, डॉ प्रदीप कुमार,डॉ अविनाश पर्थिडकर,डॉ मनोज मिश्र,डॉ के एस तोमर,अमलदार यादव,रजनीश सिंह,संजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

http://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF

24 वां बापू बाजार


हिन्दुस्तान समाचार पत्र के प्रथम
 पेज पर प्रकाशित खबर 
वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के एनएसएस की तरफ से 24 वां बापू बाजार मेले का आयोजन सोमवार को बाबा प्रसिद्ध नारायण महाविद्यालय मुरारा में किया गया. इसका उदघाटन कुलपति ने किया।इस मौके पर डॉ आभा एस लाल भी साथ रही. गरीब परिवार के लोगों ने जमकर कंबल, स्वेटर, साड़ी, पैंट, शर्ट व बर्तन की खरीदारी की।कुलपति ने अपना स्टाल लगाकर अपनी वस्तुओं को उपलब्ध कराया।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो.सुंदर लाल ने कहा कि बापू बाजार के माध्यम से लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया गया है. इसके माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ देने का प्रयास किया जाता है. 
विशिष्ट अतिथि डा.सत्येंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि बापू बाजार के माध्यम से स्वयंसेवकों में विनम्रता का भाव पैदा हुआ है.आज प्रदेश के एनएसएस की गतिविधियों में बापू बाजार सबसे ऊपर है.

कार्यक्रम समन्वयक डा.एम हसीन खां ने कहा कि बापू बाजार के माध्यम से विश्वविद्यालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनी है. इस मौके पर संयोजक डा.हितेंद्र प्रताप सिंह, कैलाश सिंह, प्रबंधक अशोक सिंह, शीतला प्रसाद सिंह, यमुना प्रसाद, डा.दिग्विजय सिंह राठौर आदि मौजूद रहे। संचालन डा.वेद प्रकाश मिश्र ने किया।


स्टालों का अवलोकन करते 


अपने सामानों को देते कुलपति 

राज्य संपर्क अधिकारी डॉ सतेन्द्र बहादुर सिंह अपने स्टाल पर 


सम्बोधित करते कुलपति प्रो सुंदर लाल 

कुलपति स्टाल 

Tuesday, 10 December 2013

छोटी फिल्मों के जरिए दिया बड़ा संदेश

वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में सोमवार को छात्रों की तरफ से बनाई डाक्यूमेंट्री लोगों को दिखाई गई। इसका निर्माण पिछले तीन दिनों से विभाग में चल रहे विज्ञान संचार, स्क्रिप्टिंग, कैमरा, संपादन व डाक्यूमेंट्री निर्माण विषय कार्याशाला के दौरान किया गया। इन छोटी फिल्मों ने लोगों को बड़ा संदेश देने का काम किया।
कार्यशाला समापन पर प्रख्यात विज्ञान फिल्मकार एम रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को लेकर बनी डाक्यूमेंट्री छोटी होने के बाद भी बहुत बड़ा संदेश देने का काम करती है। फिल्मों के संपादन में प्रशिक्षक पूनम चौरसिया ने संपादन के सिद्धांतों से प्रतिभागियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से परिचित कराया।

संकायाध्यक्ष डा.अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला फिल्म निर्माण के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास की कार्यशाला बनकर सामने आई है।
कार्यक्रम के समन्वयक डा.मनोज मिश्र ने तीन दिन की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डा.अवध बिहारी सिंह ने जल प्रदूषण बीमार करते अस्पताल, एटीएम पर बनी डाक्यूमेंट्री के तकनीकी पक्षों से अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर डा.प्रदीप कुमार, जावेद अहमद, डा.सुनील कुमार, डा.रुश्दा आजमी, पंकज सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन डा.दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।

Saturday, 7 December 2013

विज्ञान संचार :स्क्रिप्टिंग,कैमरा,सम्पादन एवं वृत्तचित्र निर्माण विषयक कार्यशाला



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग द्वारा संकाय भवन के कांफ्रेंस हॉल में शनिवार को  विज्ञान संचार स्क्रिप्टिंग,कैमरा,सम्पादन एवं वृत्तचित्र निर्माण विषयक कार्यशाला के उदघाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रख्यात विज्ञान फिल्मकार एम रहमान ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्में आज स्वस्थ समाज का निर्माण करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है।फ़िल्म निर्माण से जुड़ें लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि आम आदमी के मुद्दों को ध्यान में  रख कर डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण करे।विश्व में  इन दिनों बड़े पैमाने पर छोटी बड़ी विज्ञान विषयों पर फ़िल्म निर्माण का कार्य हो रहा है।इसके लिए नई पीढ़ी के लोगों को आगे आना चाहिए।
कार्यशाला में नई दिल्ली की विज्ञान संचारक एवं डॉक्युमेंट्री फ़िल्म निर्माता पूनम चैरसिया प्रतिभागियों ने कहा कि विज्ञान संचार को केंद्रित कर पत्रकारिता के विद्यार्थी अपना कॅरियर इस फील्ड में बना सकते है।फ़िल्म निर्माण में  विज्ञान विषय पर लेखन बहुत रोचक होना चाहिए।
अध्यक्षीय सम्बोधन में कुलपति प्रो सुंदर लाल ने कहा कि तकनीकी ने विज्ञान विषयों पर फ़िल्म निर्माण की प्रक्रिया को सरल बना दिया है।आज विश्व के  बहुत सारे निर्माता इंटरनेट और सामजिक मीडिया के जरिये  विज्ञान फिल्मों को प्रदर्शित कर रहे है।मंचों की कमी न होना वैज्ञानिक सोच को लेकर निर्मित की जा रही फिल्मों के लिए वरदान साबित हुआ है।

विषय प्रवर्तन करते हुए डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि आज के समय विज्ञान डॉक्युमेंट्री फिल्मों के माध्यम से आम आदमी तक बेहतर तरीके से संवाद स्थापित हो रहा है।स्वास्थ्य विषयक जागरूकता के लिए डॉक्युमेंट्री फिल्मों  के योगदान को नकारा नहीं जा सकता।आस पास ही बहुत सारे ऐसे विषय है जिन पर वैज्ञानिक नजरिये से काम करने की जरूरत है।
दूसरे सत्र में प्रशिक्षकों ने फिल्म निर्माण की बारीकियों पर चर्चा की।विषय विशेषज्ञ पत्रकार जावेद अहमद ने पटकथा लेखन परविचार रखे ।इसके पूर्व आये हुए अतिथियों का स्वागत संकायाध्यक्ष डॉ अजय प्रताप सिंह एवं डीएसडब्लू प्रो राम जी लाल ने किया।कुलपति ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौध भेंट किया।धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर एवं संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह ने किया।

इस अवसर पर डॉ अविनाश पर्थिडेकर, डॉ राम नारायण,डॉ प्रदीप कुमार ,डॉ वी ड़ी शर्मा,डॉ राजेश शर्मा,डॉ विवेक पाण्डेय,डॉ सुनील कुमार,डॉ आशुतोष सिंह,डॉ रुश्दा आज़मी,पंकज सिंह  समेत प्रतिभागीगण मौजूद रहे।


Friday, 6 December 2013

भारतीय मीडिया ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई : एन के आचार्य


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में चल रहे टेलीविज़न कार्यक्रम निर्माण पर चल रहे सात दिवसीय विशेष व्याखानमाला का समापन शुक्रवार को  हुआ। विशेष व्याख्यान में पूर्व निदेशक दूरदर्शन वाराणसी एन के आचार्य ने विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए सही उच्चारण,लेखन,संपादन के सिद्धांत,रिपोर्टिंग की तकनीकी समेत कैमरा के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।


श्री आचार्य ने समापन सत्र में सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के समय में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का तेजी से आम आदमी   में लोकप्रियता बढ़ी है।इलेक्ट्रॉनिक मीडिया देश और समाज के विकास में  अपना  कार्यक्रम निर्माण के द्वारा सार्थक योगदान दे रहा है।इस फील्ड में अपना भविष्य तलाशने वाले युवाओं को इसकी बारीकियों को समझना बहुत जरूरी हो गया है।नित नई तकनीकी के आगमन से बेहतरीन कार्यक्रम दर्शकों के सामने है।उन्होंने कहा कि भारतीय मीडिया आज के समय में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है।इस पहचान को आगे बढ़ाने में मीडिया के प्रशिक्षु पत्रकारों में सृजनात्मकता की जरूरत है।

 डॉ मनोज मिश्र ने कहा कि प्रिंट हो या इलेक्ट्रॉनिक सभी मीडिया में वही सफल होते है जिनके पास लेखन कला हो।स्क्रिप्टिंग किसी कार्यक्रम के सफल होने में बहुत बड़ी भूमिका अदा  करता है।संचालन डॉ अवध बिहारी सिंह धन्यवाद ज्ञापन डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने किया।इस अवसर पर विभाग के शिक्षक एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

तीन दिवसीय कार्यशाला ७ दिसंबर  से 
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में शनिवार से विज्ञान संचार : स्क्रिप्टिंग,कैमरा,सम्पादन एवं वृत्तचित्र निर्माण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।कार्यशाला में नई दिल्ली के प्रख्यात विज्ञान फ़िल्मकार एम रहमान एवं विज्ञान संचारक पूनम चौरसिया प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेंगी।

Thursday, 5 December 2013

पूर्वी जोन अंतर विश्वविद्यालयी पुरुष खो-खो प्रतियोगिता

खो- खो भारत का पारम्परिक खेल रहा है इसके लोकप्रिय बनाये रखना समाज की जिम्मेदारी है.
खो -खो खेलने वाले खिलाड़ियों का हम सभी को उत्साह वर्धन करते रहना चाहिए कि वह किसी अन्य खेल के खिलाडी से कम नहीं है. 
                                            --कुलपति प्रो सुंदर लाल 


परिचय प्राप्त करते कुलपति 
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी पुरुष खो-खो प्रतियोगिता के पहले दिन ४ दिसम्बर को कोलकाता और बंगाल विश्वविद्यालय अपने मैच जीत कर अगले चक्र में पहुंच गए। तीन टीमें वाक ओवर के जरिए अगले चक्र में पहुंची।
प्रतियोगिता के उद्घाटन मैच में कोलकाता और एसकेबी विश्वविद्यालय पुरुलिया वेस्ट बंगाल के बीच खेला गया। कोलकाता विश्वविद्यालय ने एसकेबी विश्वविद्यालय पुरुलिया वेस्ट बंगाल को 16-14 अंकों के अंतर से पराजित किया। दूसरा मैच विद्या सागर विश्वविद्यालय बंगाल और बीआरए बिहार के बीच खेला गया। विद्या सागर विश्वविद्यालय ने बीआरए बिहार को 18-14 अंकों के अंतर से पराजित किया। बीेएम मंगला विश्वविद्यालय बिहार के नहीं पर एसके एस दुमका बिहार, पटना विवि के नहीं आने पर कल्याणी विश्वविद्यालय, बीएम मिथिला विश्वविद्यालय की टीम के नहीं आने पर बीके आरा विश्वविद्यालय बिहार को वाक ओवर मिला। इससे पहले कुलपति प्रो. सुंदरलाल ने खिलाड़ियों से परिचय लेकर प्रतियोगिता की शुरुआत की।
 मोहम्मद हसन पीजी कालेज के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत सहित कई मन मोहक गीत व नृत्य प्रस्तुत किया।मैच के रेफरी राधेश्याम, जयंत सरकार, विनोद कुशवाहा, मनोज गुप्ता, अंगद यादव और पर्यवेक्षक भारतीय विश्वविद्यालय संघ दिल्ली से नामित डा.महेंद्र कुमार रहे। आंखों देखा हाल डा.राजेश सिंह ने सुनाया। इस मौके  वित्त अधिकारी अमर चंद,उपकुलसचिव प्रभाष द्विवेदी,डा.आलोक सिंह, विजय कुमार तिवारी, ओपी सिंह, चीफ प्राक्टर डा.प्रदीप कुमार, जगदंबा मिश्र आदि मौजूद रहे.

Sunday, 1 December 2013

व‌र्द्धमान को पराजित कर पूर्वाचल विवि बना चैंपियन

व‌र्द्धमान को पराजित कर पूर्वाचल विवि बना चैंपियन

Updated on: Sat, 30 Nov 2013 08:07 PM (IST)
व‌र्द्धमान को पराजित कर पूर्वाचल विवि बना चैंपियन
सरायख्वाजा (जौनपुर): पूर्वी जोन अंतर विश्वविद्यालयी खो-खो प्रतियोगिता के खिताब पर मेजबान वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय ने कब्जा कर लिया। उसने फाइनल मुकाबले में व‌र्द्धमान विश्वविद्यालय को 10-04 से पराजित किया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय के मैदान पर शनिवार को पहला मैच कल्याणी विश्वविद्यालय पश्चिम बंगाल और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बीच खेला गया। जिसमें कल्याणी विश्वविद्यालय ने 11-04 से जीत दर्ज किया। वहीं वीर बहादुर सिंह पूर्वाचल विश्वविद्यालय ने व‌र्द्धमान विश्वविद्यालय को 10-04 से हरा कर चैंपियन बना। व‌र्द्धमान विश्वविद्यालय उप विजेता, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तीसरे और कल्याण विवि चौथे स्थान पर रही।
रेफरी लाल बहादुर यादव, अंजय दास, शैलेंद्र कुमार, विनोद कुशवाहा, आलोक कुमार यादव, अंगद यादव व अवधेश कुशवाहा रहे। प्रतियोगिता के सफल संचालन में आयोजन सचिव देवेंद्र सिंह, डा.आलोक सिंह, खेल सहायक रजनीश सिंह, डा.राजेश सिंह आदि ने अहम भूमिका निभाई। मैच का संचालन अशोक सिंह ने किया।

राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों का ३० नवम्बर को पीयू में हुआ साइकिल रैली का समापन



 

Saturday, 30 November 2013

तनाव वैवाहिक सम्बन्धों में विघटन का कारण


व्यवहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा विवाह एवं परिवार परामर्श विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन 
जौनपुर : वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के व्यवहारिक मनोविज्ञान विभाग द्वारा विवाह एवं परिवार परामर्श विषयक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।मुख्य वक्ता पामबीच एलांटिक विश्वविद्यालय फ्लोरिडा के प्रो डेविन कारशन  ने कहा कि आज के समय में पुरे विश्व में विवाह और परिवार से जुड़े मुद्दों से लोगों को निजात दिलाने के लिए परामर्श लाभकारी सिद्ध हो रहा है।जीवन का तनाव पूर्ण वातावरण वैवाहिक सम्बन्धों में विघटन का बड़ा कारण  बन कर सामने आया है।पश्चिमी देशों में  यह समस्या बड़े रूप में देखने को मिलती है।भारत में सामाजिक बंधन और संयुक्त परिवार स्वरुप के कारण कुछ हद तक स्थिति बेहतर है।
उन्होंने कहा कि जैसे जैसे एकल परिवार का स्वरुप बढ़ रहा है विवाह और पारिवारिक समस्याएं बढ़ती जा रही है।एकल परिवार में पति पत्नी अपनी समस्याओं को सुलझा नहीं पाते और छोटी छोटी बातें बड़ा रूप लेलेती हैं। अगर परिवार के सभी सदस्य एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करे तो प्राथमिक स्तर पर कोई समस्या पैदा ही नहीं होगी।
 इसी क्रम मैं आइडाहो विश्वविद्यालय अमेरिका के  सचिन जैन ने कहा कि भारतीय परिवेश के लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ी है।परिवार और वैवाहिक सम्बन्धों में आने वाली समस्याओं पर काउंसलर से बिना संकोच के बात करने से ही रास्ता निकल सकता है।इन दिनों मानसिक बीमारियों के कारण विवाह टूट रहे हैं और तलाक तक की नौबत हो रही है।इससे बचने के  लिए परामर्श ही एक उपाय है। संकायाध्यक्ष डॉ अजय प्रताप सिंह ने अतिथियों को धन्यवाद् ज्ञापन किया।

Tuesday, 26 November 2013

गाज़ीपुर में २४ मई को लगा २३वां बापू बाजार



-कुलपति प्रो सुंदरलाल ने गरीबों को अपने हाथों से दिया सामान 
-अभावग्रस्तों ने की जमकर की खरीददारी 

जखनियां (गाजीपुर) : इंसान मरते हैं लेकिन उनके विचार नहीं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सोचा था कि हिंसा से दूर होकर अहिंसा के साथ प्रेम पूर्ण समाज की स्थापना की जाए। उनके विचार को सार्थक बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के ऊपर है। यह बातें पूर्वाचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुंदरलाल ने कही। वह बतौर मुख्य अतिथि फूलपुर स्थित सुखदेव किसान महाविद्यालय में रविवार को 23 वें बापू बाजार में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत किया गया। कुलपति ने कहा कि बापू बाजार का उद्देश्य अमीरी-गरीबी का भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में बांधना है। बापू बाजार में शामिल 19 महाविद्यालयों के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने बापू के विचारों को पूरा करने का संकल्प लिया। प्रबंधक भुल्लन सिंह ने कुलपति को खादी का वस्त्र प्रदान किया। छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, कौव्वाली, प्रहसन, एकांकी, देशभक्ति गीत, दहेज गीत आदि प्रस्तुत किया। बहरियाबाद स्थित सुभाष महाविद्यालय की छात्राओं ने 'वतन को लूट रहे हो जरा सी नहीं डरे' कौव्वाली के जरिये समाज के वर्तमान स्थिति को बताया। सादात स्थित समता पीजी कालेज की छात्रा महिला सोनकर ने 'पावन सुहावन मेरा देशवा' गाकर अपने देश के गौरव का बखान किया। हथियाराम स्थित पीजी कालेज की छात्राओं ने देशभक्ति गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथि क्षेत्रीय विधायक सुब्बा राम, डा. रत्‍‌नाकर त्रिपाठी, डा. धीरेंद्र प्रताप सिंह, अंकुर सिंह, संतोष मिश्र, कमलेश यादव, डा. हितेंद्र प्रताप सिंह, डा. एम हसीन खां आदि मौजूद थे। अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य रामवृक्ष पांडेय, संचालन डा. आशा मिश्र व गोविंद तिवारी ने किया।
छात्र-छात्राओं ने लगाया स्टाल
जखनियां : बापू बाजार में अमारी (दुल्लहपुर) स्थित संत बूला पीजी कालेज, सुखदेव किसान पीजी कालेज, नेवादा स्थितचौधरी चरण सिंह पीजी कालेज, मदरा स्थित राजीव गांधी पीजी कालेज मदरा, कौला जखनियां स्थित हरिश्चंद्र महाविद्यालय कौला जखनियां के छात्र-छात्राओं ने स्वनिर्मित सामान का स्टाल लगाया। लोगों ने कंबल, झोला, तौलिया, खिलौने आदि की खरीदारी की। स्टाल के माध्यम से बच्चों ने बापू के सपनों को सार्थक बनाने का विचार समाज को दिया।