Monday, 6 March 2017

20th convocation 2017 vbspu jaunpur

जनसंचार विभाग में विशेष व्याख्यान का हुआ आयोजन


विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विविध आयाम विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में बतौर वक्ता इंडिया वॉइस चैनल के उत्तर प्रदेश प्रमुख एवं विभाग के पूर्व छात्र बृजेश सिंह ने कहा आज के दौर में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का चरित्र काफी बदल गया है। मीडिया जगत में कार्य करने के लिए हमेशा नई—नई जानकारियों के साथ अपडेट रहना पड़ता है। एक अच्छा इलेक्ट्रानिक मीडिया का पत्रकार बनने के लिए प्रिण्ट मीडिया के अच्छे पत्रकार का गुण जरूरी है। क्योंकि प्रिण्ट, मीडिया जगत की रीढ़ है। प्रिण्ट मीडिया में कार्य करने से शब्दों पर अच्छी पकड़ हो जाती है। मीडिया के विद्यार्थी को हमेशा सक्रिय रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थानों में काम करने वालों पर सबसे पहले खबर ब्रेक करने की होड़ मची हुई है। ऐसे में कई बार विश्वसनीयता का संकट भी खड़ा हो जाता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को प्रिंट के साथ ही साथ वेब मीडिया से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ में हमें नैतिक मूल्यों का ध्यान रखना चाहिये। मीडिया के विस्तार की देन है कि आम आदमी के मुद्दे राष्ट्रीय स्तर की चर्चा में शामिल हो रहे हैं।
उन्होंने मीडिया जगत के अपने अनुभव को विद्यार्थियों से साझा किया। उन्होंने कहा कि आज मीडिया जगत चाहे वह इलेक्ट्रानिक हो या प्रिण्ट दोनों में बहुत ही प्रतिस्पर्धा है और वहां अपनी पहचान बनाने के लिए हमेशा सक्रिय रहते हुए नई सूचनाओं से अपडेट रहना जरूरी है। विद्यार्थियों ने प्रश्न सत्र में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े तमाम सवाल भी किये। प्राध्यापक डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर ने धन्यवाद ​ज्ञापित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इस अवसर पर डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अवध बिहारी सिंह, डॉ. रूश्दा आजमी, शुभांशू जायसवाल, धर्मपाल यादव, शायली मौर्या, संजीव कुमार, सौम्या श्रीवास्तव, एहसान हाशमी, राहुल शुक्ल, गौरव सिंह, श्रेष्ठा सिंह, अजय यादव, आकांक्षा श्रीवास्तव, नीरज सिंह, अश्वनी सहित अन्य विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Tuesday, 28 February 2017

वैज्ञानिक माॅडलों की प्रदर्शनी लगी

दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह का हुआ समापन
विशेषज्ञों के व्याख्यान का भी हुआ आयोजन

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में मंगलवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह के दूसरे दिन इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों द्वारा निर्मित वैज्ञानिक माॅडलों को प्रदर्शित किया गया। माॅडलों का अवलोकन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने किया और विद्यार्थियों से उनके माॅडल की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिस सोच के साथ माॅडल निर्मित किये गये हैं वह आने वाले समय में निश्चित तौर पर लोक कल्याण में अपनी बड़ी भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके माॅडल के बारे में चर्चा की और उन्हें सुझाव भी दिये।
हाइड्रो पाॅवर प्लांट, हाइड्रोलिक क्रेन, आब्जेक्ट काउन्टर, सर्विलांस रोबोट, वैक्यूम क्लीनर, होम लाॅक, सेलफोन कंट्रोल रोबोट, डोर एलार्म, रूम हीटर, एयर कूलर, स्टीम पाॅवर प्लांट, मोबाइल पाॅवर बैंक आदि विषयों पर बड़े रोचक तरीके से माॅडलों को विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किया गया। 
विश्वसरैया सभागार में जेपी विश्वविद्यालय आॅफ इन्फार्मेशन टेक्नोलाॅजी के प्रोफेसर घनश्याम सिंह ने नेक्स्ट जेनरेशन कम्यूनिकेशन सिस्टम पर व्ख्यायान दिया। उन्होंने 4जी एवं 5जी संचार से प्रारम्भ करते हुए साॅफ्टवेयर आधारित रेडियो सिस्टम तथा उसके उन्नति स्वरूप के बारे में भी बताया। दूसरे सत्र में आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रोफेसर उमाशंकर तिवारी ने दिव्यांगों हेेतु सुविधा प्रदायी आईटी के योगदान पर बृहद चर्चा की। ‘मूव डाटा नाॅट बाॅडी’ के अहम आईटी नारे की चर्चा करते हुए टेलीमेडिसीन, संचार नेटवर्किंग इत्यादि के क्षेत्र में आईटी के योगदान को बताया। उन्होंने कहा कि शरीर या मस्तिष्क से प्रादुर्भावित संसूचकों को मशीन ग्रहण कर दिव्यांगों को जीने के लिए नये आयाम प्रदान कर सकती है।
कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी ने दो दिवसीय कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि 28 फरवरी 1928 को सर सीवी रमन ने 3 सौ रूपये के उपकरणों द्वारा नोबेल पुरस्कार योग्य रमन प्रभाव की खोज की जिस पर उन्हें 1930 का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया जो यह सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
विश्वसरैया सभागार में विज्ञान दिवस के समारोह के दूसरे दिन का विधिवत उद्घाटन हुआ जिसमें वित्त अधिकारी एम.के. सिंह, कुलसचिव डाॅ. देवराज, समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी, सह समन्वयक डाॅ. एके श्रीवास्तव, डाॅ. संतोष एवं डाॅ. राजकुमार ने भी विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका डाॅ. ज्योति सिंह ने किया।
  इस अवसर पर डाॅ. अमरेन्द्र सिंह, डाॅ. दिग्विजय सिंह राठौर, डाॅ. सिद्धार्थ सिंह, शैलेश प्रजापति, प्रवीण सिंह, प्रशांत सिंह, प्रीति, वर्तिका, तुषार समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

Monday, 27 February 2017

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह

 विश्वविद्यालय के उमानाथ सिंह अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में सोमवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह का शुभारम्भ हुआ। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पहले दिन रंगोली, पोस्टर एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गयी। 
विकास के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, पृथ्वी संरक्षण, सेटेलाइट, मार्डन हाउस, स्मार्ट सिटी, डिजीटल इण्डिया, मार्स मिशन, ग्लोबल वार्मिंग जैसे विषय रंगोली और पोस्टर में विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित किये गये।
रंगोली प्रतियोगिता में 25, पोस्टर में 23 एवं क्विज में 35 टीमों ने प्रतिभाग किया। रंगोली प्रतियोगिता में आयुषी टीम को प्रथम, सोनाली टीम को द्वितीय एवं रूपम टीम को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। पोस्टर में अभ्युदय टीम को प्रथम, अनामिका टीम को द्वितीय एवं अमन गुप्ता टीम को तृतीय स्थान मिला। क्विज में अंकितेश टीम प्रथम, प्रतीक टीम द्वितीय एवं रणधीर टीम को तृतीय स्थान मिला।
समारोह के समन्वयक संकायाध्यक्ष प्रो. बीबी तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी 1928 में सर सीवी रमन द्वारा रमन प्रभाव की खोज पर 1930 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किये जाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित कृतियों का अवलोकन कर उत्साहवर्धन किया। 
निर्णायक मण्डल में डाॅ. अजय द्विवेदी, डाॅ. अशोक श्रीवास्तव, डाॅ. संतोष कुमार, डाॅ. करूणा, डाॅ. ज्योति, डाॅ. मनीषा रहीं। इस अवसर पर शैलेश कुमार, प्रवीण सिंह, प्रशांत सिंह, रितेश बरनवाल, वर्तिका, प्रीति शर्मा, अतुल प्रजापति, शारिक इकबाल, राज श्रीवास्तव, आदित्य पुश्कर, शुभम, अर्जुन, उर्वशी, संचिता मित्तल आदि उपस्थित रहे।