Tuesday, 20 February 2018

“ट्रेनिंग प्रोग्राम आन एकेडमिक लीडरशिप” कार्यक्रम का दूसरा दिन




वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के प्लेसमेंट सेल सभागार  में मंगलवार को छह दिवसीय “ट्रेनिंग प्रोग्राम आन एकेडमिक लीडरशिप” कार्यक्रम के दूसरे दिन के प्रथम सत्र को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एफएमएस के प्रोफेसर एचपी माथुर एवं  अलीगढ़ विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर साजिद जमाल ने  सम्बोधित किया । यह कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पंडित मदनमोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन शिक्षण और शिक्षक पर आयोजित है। यह कार्यक्रम वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विजनेस मैनेजमेंट विभाग और अलीगढ़ विश्वविद्यालय के  संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। 
प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए प्रोफेसर माथुर ने कहा कि आज उच्च शिक्षा को अंतर्राष्ट्रीय स्वरुप देने  की जरूरत है। इससे हमारे यहां की भी शिक्षा व्यवस्था  में बदलाव आएगा। साथ ही हम अपने संस्थान और यहां के बच्चों और कर्मचारियों को उस लायक बनाने में मदद कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था को सफल बनाने के लिए भावात्मक निर्णय की जरूरत होती है। यह सही निर्णय लेने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि लीडरशिप के लिए व्यवहार, मोटिवेशन और अपने सोच को खुला रखना चाहिए।  इसे जितना ही खुला रखेंगे उतना ही संस्थान को फायदा होगा।
दूसरे सत्र में अलीगढ़ विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर साजिद जमाल ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को सक्रिय करने की जरूरत है। साथ ही कहा कि ग्रीन कैम्पस और क्लीन कैंपस की भी अवधारणा विश्वविद्यालय में होनी चाहिए। शुद्ध पर्यावरण का असर कैंपस पर ही नहीं वहां के बच्चों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा केवल लेक्चर ही नहीं हो विद्यार्थियों का मनोरंजन करने के लिए आनलाइन क्लास, प्रोजेक्टर क्लास का सहारा बहुत जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन डा. मुराद अली और धन्यवाद ज्ञापन डा. सुशील कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर डा. नुपुर तिवारी, डा. एसपी तिवारी, डा. सुनील कुमार, डा. अवध बिहारी सिह, शैलेश प्रजापति, डॉ अमित वत्स, डॉ इद्रेश कुमार, डॉ  विद्युत मल्ल, डा.विनय वर्मा, डा. विजय मौर्या सहित प्रतिभागी उपस्थित  थे.

अवकाश प्राप्त शिक्षक सम्मान समारोह 2017 का हुआ आयोजन


शिक्षक वहीं महान  है जिसके  विद्यार्थी समाज में  सम्मान पाते हैं- कुलपति

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के विश्वेश्वरैया सभागार  में मंगलवार को अवकाश प्राप्त शिक्षक सम्मान समारोह 2017 का आयोजन किया गया। समारोह में 15 अवकाश प्राप्त शिक्षकों  को अंगवस्त्रम और स्मृति चिह्न देकर कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव द्वारा सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि  कुलपति प्रोफेसर डॉ  राजाराम यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में  सक्षम बनाने वाला ही शिक्षक होता है। राष्ट्र विश्व गुरु बने इस हेतु शिक्षकों का दायित्व सबसे ज्यादा हैं।   राष्ट्र निर्माण में उसकी जरूरत सदा महसूस होती है। हमें विद्यार्थियों को सर्वविद्या से सम्पन्न बनाने के अभियान को और तेज़ी देनी होगी। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि मैने अपने गुरू की सलाह को माता-पिता की सलाह से ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि हमारे देश का उद्देश्य विश्वगुरू बनने के साथ-साथ दुनिया को भी विश्वगुरू बनाने का है। उन्होंने कहा कि शिक्षक वहीं महान होता है जिसके  विद्यार्थी समाज में प्रतिष्ठा या सम्मान पाते हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्वविद्यालय  शिक्षकों को सम्मानित करके खुद गौरवान्वित हो रहा है।
अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय, विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष डा. घनश्याम सिंह ने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी पूंजी है जिसे न चोर चुरा सकता है न राजा या शासक छीन  सकता है।  न ही भाई या बंधु बंटवारे में आपसे ले सकते हैं। यह एक ऐसा धन है जितना खर्च किया जाय उतना बढ़ता है। दुर्भाग्य इस बात का है कि इसका सदुपयोग और दुरुपयोग दोनों हो रहा है। उन्होंने कहा कि अच्छा गुरू वही है जो सत्य और असत्य को समझा सके। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था के सामने चुनौती है आज जरूरत है कि हम सब मिलकर इसमें सकारात्मक  बदलाव के बारे में सोंचे।
शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव प्रकाश सिंह ने  कहा  कि  जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान होता है वही समाज और राष्ट्र बुलंदियों पर पहुंचता है। शिक्षक कभी अवकाश नहीं लेता वह समाज को सदैव एक नई दिशा  देता है।यह सम्मान समारोह आयोजित कर विश्वविद्यालय ने शिक्षक हित  में उत्कृष्ट कार्य किया है। 
इसके पूर्व  शिक्षकों और अतिथियों का स्वागत पूर्वांचल विश्वविद्यालय  शिक्षक संघ के अध्यक्ष  डा. समर बहादुर सिंह ने  किया। समारोह का संचालन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष  डा. मनोज मिश्र  और धन्यवाद ज्ञापन महामंत्री  डा विजय कुमार सिंह ने किया ।  इस अवसर पर  कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एम, के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ,  प्रो. बी.बी तिवारी मंचस्थ रहे। सम्मान समारोह में पूर्व अध्यक्ष डॉ देवेंद्र सिंह ,डॉ  अनिल प्रताप सिंह ,डॉ अशोक सिंह ,प्रो. ए.के श्रीवास्तव, ,डॉ अलोक सिंह ,डॉ हिमांशु सिंह ,डॉ बीके त्रिपाठी ,डॉ ओम  प्रकाश सिंह ,डॉ बीएन पांडेय ,डॉ विनय कुमार सिंह ,डॉ शैलेन्द्र सिंह ,डॉ जिमी ,डॉ राजीव त्रिपाठी , एनएसएस समन्वयक  राकेश  यादव, डॉ अरुण कुमार सिंह , डा. रजनीश भाष्कर, डा. आशीष सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. रुश्दा आजमी सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। 

सम्मानित हुए शिक्षक 
टीडी पीजी कालेज जौनपुर  की डॉ माधुरी सिंह ,डॉ ओम  प्रकाश सिंह,डॉ ज्ञानानन्द शुक्ल,डॉ जीतेन्द्र बहादुर सिंह,सल्तनत बहादुर पीजी कालेज बदलापुर के डॉ एस पी सिंह ,बयालसी पीजी कालेज जलालपुर के डॉ ज्ञान बहादुर सिंह ,गन्ना  कृषक महाविद्यालय ताखा शाहगंज के डॉ महेंद्र प्रताप यादव ,गणेश राय पीजी कालेज डोभी के डॉ प्रेम शंकर सिंह , डीएवी पीजी कॉलेज आजमगढ़ के डॉक्टर अभय राज सक्सेना, डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव, डॉक्टर प्रेम प्रकाश यादव, शिबली नेशनल पीजी कॉलेज के डॉक्टर जमाल अहमद, डॉ इश्तियाक  अहमद, मलिकपुरा पीजी  कॉलेज गाजीपुर से डॉक्टर दामोदर सिंह, जनता पीजी कॉलेज सादात गाजीपुर के डॉक्टर चौथीराम यादव, डॉक्टर अमरनाथ सिंह यादव, पीजी  कॉलेज गाजीपुर के डॉक्टर हरिहर सिंह, श्री रामाश्रय दास पीजी कॉलेज भुड़कुड़ा गाजीपुर के डॉक्टर अशोक सिंह,डॉ  उदय प्रताप सिंह,डॉ  इंद्रजीत  सिंह, महात्मा गांधी शती  स्मारक महाविद्यालय गढ़वा मकसूदपुर गाजीपुर के डॉ अमरनाथ राय को कुलपति प्रोफ़ेसर डॉ राजाराम यादव एवं शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ घनश्याम सिंह ने अंगवस्त्रम,स्मृतिचिन्ह एवं गीता की पुस्तक देकर सम्मानित किया। 

Monday, 19 February 2018

“ट्रेनिंग प्रोग्राम आन एकेडमिक लीडरशिप” कार्यक्रम का शुभारम्भ



वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया  हाल में सोमवार को छह दिवसीय “ट्रेनिंग प्रोग्राम आन एकेडमिक लीडरशिप” कार्यक्रम का  शुभारम्भ हुआ. यह कार्यक्रम भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन शिक्षण और शिक्षक पर आयोजित है. इसका आयोजन बिजनेस मैनेजमेंट विभाग और अलीगढ़ विश्वविद्यालय  के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है. 
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि डा. अरुण कुमार सिंह ने कहा सेवा का कोई भी क्षेत्र हो वहां नैतिकता का अनुसरण करने से समस्या का समाधान हो जाता है. उनका मानना है कि नैतिक मूल्यों का उपदेश दूसरों को देने से पहले उसे अपने ऊपर भी लागू करना चाहिए, तभी वह प्रभावी होगा. गांधीजी नैतिक मूल्यों पर चलकर ही राष्ट्रपिता बनें. उन्होंने कहा कि यह बात गलत है कि मनुष्य चेतनाशून्य होता है बल्कि उसकी चेतना विषयगत होती है. उन्होंने सुझाव दिया कि किसी पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भागना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि डा. एसपी सिंह ने कहा कि हमें बोलने की कम और सुनने की ज्यादा आदत डालनी चाहिए, तभी हम जीवन में सफल हो सकते हैं। अमित वत्स ने अतिथियों का स्वागत किया और डा. सुशील सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. अतिथियों का परिचय और संचालन समारोह के आयोजक डा. मुराद अली ने किया. इस अवसर पर प्रोफेसर बीडी शर्मा, डा. नुपुर तिवारी,डा. आशुतोष सिंह, , डॉ मनोज मिश्रा,डा. सुनील कुमार, डॉ दिग्विजय सिंह राठौर,डा. विवेक पांडेय, विद्युत मल्ल, डा.विनय वर्मा, डा. विजय मौर्या आदि थे.


प्रथम सत्र में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय एफएमएस के प्रोफेसर एचपी माथुर ने कहा कि कर्मचारियों को संगठित रखकर ही लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है. इसके लिए मोटिवेशन जरूरी है. उन्होंने कहा कि ठीक इसी तरह वित्तीय संस्थान, प्रेस से भी बातचीत करनी चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि विश्वविद्यालय को विदेशी संकाय और छात्रों को आकर्षित करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं पर काम करना चाहिए. उन्होंने उच्च शिक्षा के प्रशासकों के बीच भावात्मक ज्ञान बढ़ाने की कला के बारे में बताया. कहा कि इससे हम किसी भी संस्थान को अच्छे और सफल ढंग से चला सकते हैं. सत्र का संचालन आयोजन डा. मुराद अली और आभार डा. सुशील सिंह ने व्यक्त किया। 

विश्वविद्यालय ने नकलविहीन परीक्षा सम्पादित करने पर की परिचर्चा







वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में सोमवार को सीसी टीवी की निगरानी में  नकलविहीन परीक्षा सम्पादित किये जाने के लिए परिचर्चा आयोजित की गई। इस परिचर्चा में विश्वविद्यालय परिक्षेत्र के पांच जनपदों के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य ,प्रबंधक एवं उनके प्रतिनिधिगण ने प्रतिभाग किया।  कुलपति प्रो डॉ राजाराम यादव ने कहा कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में समय पर परीक्षा और परिणाम देने में प्रदेश में सबसे आगे  है। परीक्षा नकल विहीन होनी चाहिए नकल विहीन परीक्षा होने से विद्यार्थी अध्ययन करता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान की गई एक छोटी सी गलती बड़ी समस्या का कारण बनती है। इसलिए सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि परीक्षा को सफल ढंग से सम्पन्न कराने के लिए प्रयास करें। शुचिता और पवित्रता इस बार आपके कार्यशैली से दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के साथ विश्वविद्यालय किसी भी तरीके का भेद भाव नहीं करेगा।कुलसचिव सुजीत  कुमार जायसवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम शुचितापूर्ण परीक्षा और समय पर परीक्षाफल देने  के कारण प्रदेश में जाना जाता है। यहां के महाविद्यालयों  के कारण विश्वविद्यालय का नाम ऊंचा हुआ है। शासन की मंशा है कि पवित्रता  के साथ नकल विहीन परीक्षा सम्पन्न हो ।वित्त अधिकारी एम के सिंह ने कहा कि महाविद्यालयों के पास जो विश्वविद्यालय द्वारा अग्रिम दिया गया है उसका समय पर समायोजन करें।परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय परीक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ है। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय परीक्षा को सुचारू से सम्पन्न कराने के लिए सहयोग करे। पी 6 नया बनाया है जिसमें विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिका का क्रमांक भी दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी के साथ वॉइस रिकॉर्डिंग की  व्यवस्था के लिए दिए गए सुझाव पर विचार किया जाएगा। लाल रंग के कपड़े में अनुचित साधन प्रयोग की गई कॉपी के  साथ विद्यार्थी को दी गई दूसरी कॉपी भी भेजे। 
प्रोजेक्ट इंजीनियर सीसीटीवी कुणाल कुमार ने सभी से कहा  कि  अपने सीसीटीवी कैमरे को शीघ्र  विश्वविद्यालय के सीसीटीवी कैमरे से लिंकअप करें।  इस  अवसर  पर प्रोफ़ेसर डॉ मानस पांडेय ,प्राचार्य  डॉ देवेंद्र नाथ सिंह ,डॉ वीरेंद्र प्रताप सिंह ,डॉ राम अवध सिंह यादव,डॉ सतेंद्र प्रताप सिंह, डॉ नागेंद्र पाठक ,प्रबंधक राजबहादुर , सूर्यभान यादव ,संदीप तिवारी एवं अमित कुमार  दुबे,एमएम भट्ट ,रामसूरत यादव  ने भी सम्बोधित किया। संचालन डॉ संजय श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर प्रो बीबी तिवारी,  डॉ के एस तोमर मंचासीन रहे।